**डॉ. शिव पूजन सिंह: एक प्रेरणादायक कहानी और पद्म श्री के लिए एक मजबूत दावेदारी**


डॉ. शिव पूजन सिंह, जिन्हें सम्मानपूर्वक "लौकी पुरुष" के नाम से जाना जाता है, भारतीय कृषि जगत में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उनकी जन्मभूमि उत्तर प्रदेश में स्थित है, और वर्तमान में वे लखनऊ में निवास करते हैं। उनकी शिक्षा और करियर का सफर अत्यधिक प्रेरणादायक है।


### **शैक्षणिक पृष्ठभूमि और करियर की शुरुआत**


डॉ. शिव पूजन सिंह ने अपनी उच्च शिक्षा कृषि विज्ञान में की, और बाद में उन्हें अचार्य नरेंद्र देव कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या (ANDUAT) में शिक्षण का अवसर मिला। उन्होंने यहाँ ** प्राध्यापक और उद्यानकी और वानिकी महाविद्यालय** के पूर्व डीन के रूप में सेवा की। उनके नेतृत्व में, विश्वविद्यालय ने बागवानी और विशेष रूप से लौकी की उन्नत किस्मों पर अनुसंधान में बड़ी प्रगति की।


### **नरेंद्र शिवानी: 8 फीट लंबी लौकी का विकास**


डॉ. शिव पूजन सिंह का सबसे बड़ा योगदान लौकी की **"नरेंद्र शिवानी"** किस्म का विकास है, जो अद्वितीय रूप से 8 फीट लंबी हो सकती है। यह किस्म न केवल लंबाई में अद्वितीय है, बल्कि इसकी गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अन्य किस्मों से बेहतर है। इस किस्म ने किसानों के बीच लोकप्रियता हासिल की और अब इसे बड़े पैमाने पर उगाया जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे भारतवर्ष में जानकारी किसानों तक पहुंच गयी है | वीज का वितरण भी डाॅ शिव पूजन सिंह जी द्वारा किया जा रहा है 


### **राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ मान्यता**


उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस लौकी की लंबाई और गुणवत्ता को देखकर आश्चर्य व्यक्त किया। डॉ. सिंह का यह अद्वितीय योगदान राज्य और देश भर में चर्चा का विषय बन गया, जिससे उनकी ख्याति और भी बढ़ गई। 


### **NDUAT मस्ती लाइव पर पहली बातचीत और मीडिया कवरेज**


डॉ. शिव पूजन सिंह ने **NDUAT मस्ती लाइव** पर पहली लाइव बातचीत की, जिसमें उन्होंने किसानों को "नरेंद्र शिवानी" लौकी की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस बातचीत के बाद, वे और भी प्रसिद्ध हो गए, और कई समाचार पत्रों और मीडिया एजेंसियों ने उनके योगदान को कवर किया। 


 पद्म श्री की मजबूत  दावेदारी**

उनकी अद्वितीय सेवा और योगदान को देखते हुए, कई कृषि बुद्धिजीवियों और विशेषज्ञों ने उनके लिए पद्म श्री पुरस्कार की मांग की है। उनका कार्य न केवल कृषि विज्ञान में क्रांति लाने वाला है, बल्कि यह भारतीय किसानों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी है। 


### **निष्कर्ष**


डॉ. शिव पूजन सिंह का जीवन और करियर इस बात का प्रमाण है कि समर्पण, मेहनत और नवीनता के साथ किया गया काम सदैव मान्यता पाता है। यह समय है कि सरकार उनके अभूतपूर्व योगदान को पहचानें और उन्हें **पद्म श्री** से सम्मानित करें, जिससे वे और भी किसानों को प्रेरित कर सकें और भारतीय कृषि को और अधिक समृद्ध बना सकें। 


उनके अद्वितीय कार्य ने न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में एक मिसाल कायम की है। उनका सम्मान केवल उनका ही नहीं, बल्कि भारतीय कृषि वैज्ञानिकों और किसानों का भी सम्मान होगा।

📸 - Sheo Pujan Singh 💐


Narendra Modi 

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