**नवीन पुस्तक ‘कॉस्मिक फार्मिंग इन हॉर्टिकल्चरल क्रॉप्स’ सतत कृषि के लिए एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है**

लखनऊ, 30/08/2024** – कृषि विशेषज्ञ आर.के. पाठक और नीरू दुबे द्वारा लिखित नई पुस्तक *‘कॉस्मिक फार्मिंग इन हॉर्टिकल्चरल क्रॉप्स’* हाल ही में प्रकाशित हुई है। यह पुस्तक नवाचार और पारंपरिक ज्ञान का संयोजन करती है, जिससे किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को टिकाऊ और पर्यावरणीय अनुकूल खेती के तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके।

इस पुस्तक में, लेखक गाय आधारित कॉस्मिक फार्मिंग को बढ़ावा देने पर जोर देते हैं, जो न केवल रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता को समाप्त करता है, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाली उपज भी सुनिश्चित करता है। पुस्तक में बताया गया है कि कैसे छोटे और सीमित संसाधनों वाले किसान, इस मॉडल को अपनाकर रासायनिक पदार्थों के बिना 200 एकड़ तक की भूमि को उपजाऊ बना सकते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के बागवानी, कृषि निर्यात, विपणन एवं विदेशी व्यापार मंत्री, दिनेश प्रताप सिंह ने इस पुस्तक के बारे में अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा, "कॉस्मिक फार्मिंग पारंपरिक और वैज्ञानिक तरीकों का ऐसा संगम है, जो हमारे कृषि प्रणालियों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ प्रकृति के साथ संतुलित सह-अस्तित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

पुस्तक में गाय आधारित उत्पादों का उपयोग करके उच्च गुणवत्ता वाली बागवानी उत्पादन के लिए किसानों को प्रशिक्षण और संसाधनों से सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। यह पुस्तक इस दिशा में वैज्ञानिकों, किसानों और नीति निर्माताओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है।‘

कॉस्मिक फार्मिंग इन हॉर्टिकल्चरल क्रॉप्स’* को देश के कई हिस्सों में व्यापक रूप से सराहा जा रहा है और यह पुस्तक सतत कृषि के लिए एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। इस पुस्तक में, अग्निहोत्रा और रेजोनेंस पिरामिड जैसी प्राचीन तकनीकों का भी उल्लेख है, जो खेती को अधिक उपजाऊ और लाभकारी बना सकती हैं।

पुस्तक के लेखकों को कोटि कोटि साधूवाद और शुभकामनाएं 

*अधिक जानकारी के लिए या पुस्तक की प्रति प्राप्त करने के लिए, पाठक वेस्टविल पब्लिशिंग हाउस से संपर्क कर सकते हैं।**