उत्तर प्रदेश में आलू के किसान बेहाल हैं। बंपर पैदावार ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात ये है कि मंडियों में उन्हें आलू की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। फर्रुखाबाद, आगरा, बाराबंकी और कानपुर ये कुछ ऐसे इलाके हैं जहां आलू की जोरदार खेती होती है और इस साल भी इन इलाकों में आलू की भारी पैदावार हुई है। कई इलाकों में तो किसानों को ढुलाई भी जेब से देनी पड़ रही है। 200 रुपये क्विंटल से भी नीचे के भाव पर किसान आलू बेच रहे हैं। 

आलू उत्पादन में उत्तरप्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद का देश में विशिष्ट स्थान रहा है। यहां का आलू असम व बंगाल से लेकर मुंबई तक जाता है। जनपद में अधिकांश किसान आलू की फसल करते हैं या यूं कहें कि आलू बोना जनपद के किसानों के लिए मूंछ का सवाल होता है। लड़कों के रिश्ते परिवार में आलू की फसल के क्षेत्रफल के आधार पर तय होते हैं। यही कारण है कि जनपद की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से आलू की फसल पर आधारित है। इस बार बंपर पैदावार और अन्य प्रदेशों की मंडियों में मांग न होने के कारण आलू मंदी के दौर से गुजर रहा है।
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